डोर सेंसर क्या है और ये कैसे काम करता है?

डोर सेंसर क्या है और ये कैसे काम करता है?

डोर सेंसर क्या है और ये कैसे काम करता है?

November 19, 2018

 

डोर सेंसर- डोर सेंसर किसी भी अलार्म सिस्‍टम का सबसे महत्‍वपूर्ण सेंसर होता है, जब कोई भी आपके घर में घुसता है तो डोर सेंसर आपको इसकी जानकारी दे देता है। यह सेंसर दो पार्टस् से मिलकार बना होता है जो एक सर्किट का निर्माण करते हैं। जब कोई दरवाजे को खोलता है तब ये दोनों पार्टस् अलग हो जाते हैं और उनके बीच बना सर्किट टूट जाता है, जैसे ही ये सर्किट टूटता है, वैसे ही डोर सेंसर कन्‍ट्रोल पैनल को अलार्म बजाने का सिग्‍नल दे देगा। और कन्‍ट्रोल पैनल इसकी जानकारी तत्‍काल सेंट्रल मोनिटरिंग स्‍टेशन तक पहुंचा देता है।

डोर सेंसर को इंस्‍टॉल करना बहुत ही आसान होता है, इसे इंस्‍टॉल करने के लिए किन्‍हीं खास उपकरणों की आवश्‍यकता नहीं होती है। लकिन आप जितना सिक्‍योरिटी अलार्म सिस्‍टम के बारे में जानेंगे उतना अच्‍छे से उसे इस्‍तेमाल करेंगे और उसका रखरखाव कर पायेंगे।

डोर सेंसर की आंतरिक क्रिया- आधुनिक टेक्‍नालॉजी में विभिन्‍न प्रकार के डोर अलार्म सेंसर आ चुके हैं, और उनमें से ज्‍यादातर रीड स्विच टेक्‍नालॉजी और मैग्‍नेट पार्ट का उपयोग करते हैं। रीड स्विच और मैगनेट पार्ट दरवाजे(डोर) के खुलने और बंद होने को निर्धारित करते हैं।

रीड स्विच का उपयोग अनगिनत मशीनों, डोर-वेल से लेकर लैपटॉप तक के द्वारा किया जाता है और इन पर भरोसा किया जाता है। जब ये दोनों पार्टस् आपस में एक दूसरे के पास आते है तो एक सर्किट क्‍लोज होता है और एक इलेक्ट्रिक धारा प्रवाहित होती है। और जब ये दोनों पार्टस् एक दूसरे से दूर जाते हैं तब ये सर्किट ब्रेक(टूटता) होता है जब इलेक्ट्रिक धारा बंद हो जाती है।

जब आप अपने होम सिक्‍यूरिटी सिस्‍टम में डोर सेंसर को जोड़ते हैं, तब ये सेंसर 2 पार्टस् के साथ आता है: एक रीड स्विच और एक मैग्‍नेट पार्ट। इसका एक पार्ट डोर फ्रेम में लगाया जाता है और दूसरा उसके समानांतर स्‍वयं डोर में। ये दोनों पार्टस् एक सर्किट बनाते हैं जब दरवाजा(डोर) बंद होता है, और जैसे ही डोर खुलता है तो रीड स्विच और मैग्‍नेट पार्ट एक दूसरे से अलग होते हैं तो सर्किट टूट जाता है। जब सर्किट टूटता है तो सेंसर एक सिग्‍नल कन्‍ट्रोल पैनल को भेज देता है तथा कन्‍ट्रोल पैनल तत्‍काल CMS को सूचित कर देता है।

 

डोर सेंसर को इंटॉल करना- डारे सेंसर का इंस्‍टॉलेशन बहुत ही आसानी से किया जा सकता है। किसी अच्‍छे(मजबूत) गोंद(Adhesive) या डबल साइडेड टेप का इस्‍तेमाल करके एक पार्ट को डोर फ्रेम और दूसरे को उसी के समानांतर डोर में पेस्‍ट करना होता है। ये दोनो पार्टस् एक दसरे के समानांतर लगे होने चाहिए तथा इनके बीच का स्‍पेस 1 सेंटीमीटर से कम व 3 सेंटीमीटर से ज्‍यादा नहीं होना चाहिए। अगर ये एक दूसरे के समानांतर नहीं लगाये जाते या इन दोनों के बीच स्‍पेस बहुत ज्‍यादा रखा गया है तो ये दोनो पार्टस् एक दूसरे से इंट्रैक्‍ट नहीं कर पायेंगे और रीड स्विच व मैग्‍नेट पार्टस सर्किट बनाने में अस्‍मर्थ हो जायेंगे।

 

शॉप/गैरेज डोर सेंसर व शटर सेंसर- गैरेज सेंसर व शटर सेंसर भी वैसे ही काम करता है जैसे की डोर सेंसर करता है। लेकिन ये लोहे की शटर डोर के लिए डिजाइन किय जाते हैं जिससे इनके वे पार्टस् जो कि डोर में इंस्‍टॉल किये जाते हैं वे लोहे के होत हैं। इसके 3 पार्टस् होते हैं- पहला जो कि नीचे जमीन में इंस्‍टाल किया जाता है जिसे रीड स्विच कहते हैं, दूसरा पार्ट रीड स्विच के समानांतर शटर डोर में लगाया जाता है, जिसे मैग्‍नेट पार्ट कहा जाता है, जो कि बंद और खालते वक्‍त अप-डाउन जाती है और इसका तीसरा पार्ट जिसे पीसीबी कहते हैं, वो वहीं पास में साइड वाली दीवार में इंस्‍टॉल होता है।

जब ये रीड स्विच और मैग्‍नेट पार्टस् पास में आते हैं तो ये एक सर्किट का निर्माण करते हैं और जब ये एक दूसरे से दूर चले जाते हैं तो ये सर्किट ब्रेक हो जाता है। जैसे ही ये सर्किट ब्रेक होता है वैसे ही सेंसर, कन्‍ट्रोल पैनल को अलार्म बजाने के लिए सिग्‍नल भेज देगा और कन्‍ट्रोल पैनल सेंट्रल मोनिटरिंग स्‍टेशन को इसकी जानकारी भेज देता है।

 

डोर सेंसर का उपयोग और रख रखाव- डोर सेंसर आप अपनी आवश्‍यकता के अनुसार कहीं भी लगवा सकते हें जैसे कि खिडकी, कैबिन, वारड्रॉब आदि जगहों पर। डोर सेंसर आपकी आवयश्‍कता अनुसार कनफिगर किया जा सकता है, यदि आप चाहते हैं कि जब भी कोई अनाधिकृत व्‍यक्ति आपका डोर खोले तो अलार्म बजे या आप चाहते हैं कि जब भी कोई अनाधिकृत व्‍यक्ति आपके घर में प्रवेश करे तो अलार्म नहीं बजे सिर्फ हमें उसकी जानकारी मिल जाये, ये सब कुछ आपकी जरूरत के अनुसार किया जा सकता है।

जैसे कि कोई भी डोर सेंसर हमेशा नहीं चलता रहता है। सेंसर डैमेज हो सकता है, रीड स्विच निकल सकता है, या समान्‍यत: वायरलेस सेंसर की बैटरी खत्‍म हो जाती है। लेकिन आपको इन सब की चिंता करने की जरूरत नहीं होती है क्‍योंकि आपका अलार्म सिस्‍टम हमारे सेंट्रल मोनिटरिंग स्‍टेशन से हमेशा कनेक्‍टेड रहता है तो यदि कोई सेंसर में कोई समस्‍या आती है तो हमारे सीएमएस ऑपरेटर तत्‍काल ही उन पर एक्‍शन लेते हैं और इसके पहले कि आपको जानकारी हो उससे पहले ही समस्‍या का निदान हो जाता है।

चूंकि अब आप जान चुके हैं कि डोर सेंसर की आंतरकि क्रिया या कार्यप्रणाली कैसी है व कैसे काम करता है, इसलिए अब समय है कि आप होम अलार्म सिस्‍टम के साथ डोर सेंसर को खरीदें जो आपकी सुरक्षा की जरूरत को पूरा कर सके।

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हिन्‍दी में विडीयो देखने के लिए कि होम अलार्म सिस्‍टम कैसे काम करता है Please Visit Here

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