मोशन सेंसर क्या है और यह कैसे काम करता है?

मोशन सेंसर क्या है और यह कैसे काम करता है?

मोशन सेंसर क्या है और यह कैसे काम करता है?

June 02, 2020

किसी भी होम सिक्‍योरिटी सिस्‍टम में डोर व विण्‍डो सेंसर के अलावा मोशन सेंसर भी बहुत महत्‍वपूर्ण सेंसर होता है। डोर व विण्‍डो सेंसर यजर्स को तब सूचित करते हैं जब को चोर व व्‍यक्ति दरवाजा व खिडकी खोलकर अन्‍दर आने की कोशिश करता है जबकि मोशन सेंसर किसी भी प्रकार के मुवमेन्‍ट व टेम्‍परेचर को डिटेक्‍ट करता है जिससे को जब भी कोई चोर व व्‍यक्ति उसके सामने या आसपास पहुंचता है, तो सेंसर तुरंत आपको सूचित कर देता है।

हालांकि आजकल कई प्रकार के मोशन सेंसर्स उपलब्‍ध हैं जिनमें से ज्‍यादातर सेंसर एक जैसी ही टेक्‍नालॉजी का उपयोग करते हैं। और ये छोटे – छोटे बदलावों को डिटेक्‍ट करके ट्रिगर हो जाता है जैसे असापास के स्थिर तापमान में बदलाव होना, कंपन व रेडिएशन को डिटेक्‍ट करना आदि।

बहुत प्रकार की डिवाइसेस मोशन सेंसर का उपयोग करती हैं। उनमें से कुछ प्रचलित प्रकार निम्‍न हैं – ड्राइब-वे मोशन डिटेक्‍टर, मोशन एक्टिवेटेड फ्लड लाइट, एक्‍सटीरियर मोशन सेंसर कैमरा और इनडोर मोशन सेंसर।

मोशन सेंसर जब भी किसी प्रकार के गति, तापमान या रेडिएशन को डिडेक्‍ट करता है तो सिक्‍योरिटी सिस्‍टम 105 डेसिबल का लाउड साइरन बजाने लगता है या जब भी काई व्‍यक्ति अगर आपके घर के पास आता है तो ऑटोमेटिक लाइट्स ऑन हो जाती हैं या घर मे लगे कैमरे की रिकॉर्डिंग ऑन हो जाती है।

मोशन सेंसर के मुख्‍य प्रकार –

वैसे तो कई प्रकार की मोशन डिटेक्‍शन टेक्‍नालॉजी उपलब्‍ध हैं। जिनमें से मुख्‍यत: एक्टिव अल्‍ट्रासॉनिक और पैसिव इंफ्रारेड (पीआईआर) टेक्‍नॉलाजी का उपयोग किया जाता है। इनके अलावा माइक्रोबेव, टोमोग्रॉफी और ड्यूअल टेक्‍नालाजी सेंसर ने भी कुछ मार्केट शेयर लिया हुआ है।

एक्टिव अल्ट्रासोनिक सेंसर अल्ट्रासोनिक ध्वनि तरंगों का उत्सर्जन करते हैं जो वस्तुओं को प्रतिबिंबित करते हैं और मूल उत्सर्जन बिंदु पर वापस उछाल देते हैं। जब एक चलती हुई वस्तु तरंगों को बाधित करती है, तो सेंसर ट्रिगर हो जाता है और वांछित क्रिया को पूरा करता है, चाहे वो लाइट्स ऑन कराना हो या अलार्म बजाना।

मोशन डिटेक्शन कैमरा, लाइट व इनडोर मोशन सेंसर होम सिक्योरिटी सिस्टम में इस्तेमाल होने वाले सेंसर आमतौर पर पीआईआर टेक्‍नालॉजी का उपयोग करते हैं। ये इन्‍फ्रारेड ऊर्जा का पता लगाते हैं, जिसे मनुष्य और जानवर गर्मी के रूप में छोड़ते हैं। यदि मोशन सेंसर इन्‍फ्रारेड एनर्जी में वृद्धि का पता लगाता है, तो इसका मतलब है कि किसी ने सेंसर से संपर्क किया है या इसकी सीमा के भीतर चला गया है, तो सेंसर अलार्म सिस्‍टम को सूचित कर देता है। और अलार्म बजने लगता है। पीआईआर सेंसर इंफ्रारेड एनर्जी में छोटे बदलावों को नजरअंदाज करने के लिए सेट किए जा सकते हैं, इसलिए अगर परिवार के बिल्ली या कुत्ते के चलने पर या घर के तापमान में थोड़ा उतार-चढ़ाव होता है तो वे अलार्म नहीं बजाते।

मोशन सेंसर का इंस्‍टालेशन

चूंकि मोशन सेंसर की एक सीमित सीमा है – लगभग 50 से 80 फीट तक – आपको अपने घर के आसपास कई जगह लगाला चाहेंगे, खासकर उन क्षेत्रों में जहां लोग अक्सर चलते हैं, जैसे कि हॉलवे, सीढ़ियां, कमरे, और बेडरूम।

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